बिजली बिलों में टैक्स-सरचार्ज की भरमार, जनता पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ: कांग्रेस

प्रदेश में बिजली व्यवस्था, उपभोक्ताओं पर बढ़ते आर्थिक बोझ, अनियमित बिजली कटौती, मलिन बस्तियों में नए बिजली कनेक्शन और विद्युत अवसंरचना से जुड़ी समस्याओं को लेकर कांग्रेस नेताओं ने यूपीसीएल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने यूपीसीएल से उपभोक्ताओं की समस्याओं का तत्काल समाधान करने के साथ ही बिजली बिलों में लगाए जा रहे विभिन्न शुल्कों एवं अधिभार की पारदर्शी जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की।

प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कहा कि आम उपभोक्ता पहले ही महंगाई की मार झेल रहा है। ऐसे में बिजली की मूल खपत के अतिरिक्त विभिन्न शुल्क और अधिभार लगाए जाने से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उपलब्ध बिजली बिल की प्रति में ₹8,974.50 की बिजली लागत के साथ ₹550 फिक्स्ड चार्ज, ₹220 डिमांड चार्ज, ₹173.70 विद्युत कर, ₹115.80 हरित ऊर्जा उपकर और ₹860.23 एफपीपीसीए अधिभार दर्ज है। बिल में वर्तमान योग ₹10,692.23 दर्शाया गया है तथा ₹176 की अतिरिक्त प्रतिभूति किस्त के बाद कुल देय राशि ₹10,868 है।

लालचंद शर्मा ने कहा कि यूपीसीएल को स्पष्ट करना चाहिए कि बिजली की मूल खपत के अतिरिक्त अलग-अलग मदों में लगाए जा रहे शुल्क और अधिभार किस आधार पर वसूले जा रहे हैं। उपभोक्ता को बिल में प्रत्येक शुल्क की स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए और अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि एक ओर ट्रांसफार्मर, जर्जर विद्युत लाइन, अर्थिंग और शिकायत निवारण जैसी समस्याएं बनी हुई हैं, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं से विभिन्न मदों में अतिरिक्त भुगतान लिया जा रहा है। उन्होंने यूपीसीएल से बिलिंग व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने और उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने की मांग की।

पूर्व विधायक श्री राजकुमार ने देहरादून की मलिन बस्तियों में नए बिजली कनेक्शन नहीं दिए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कई बस्तियों में परिवार वर्षों से निवास कर रहे हैं और उनके पास बिजली-पानी के बिल सहित विभिन्न सरकारी दस्तावेज भी उपलब्ध हैं, इसके बावजूद नए बिजली कनेक्शन के लिए उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

राजकुमार ने कहा कि सरकार और ऊर्जा निगम को गरीब एवं निम्न आय वर्ग के परिवारों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्पष्ट नीति बनानी चाहिए। पात्र परिवारों के नए बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाना चाहिए, ताकि उन्हें अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

प्रदेश कांग्रेस महामंत्री श्री वीरेंद्र पोखरियाल जी ने धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में बार-बार होने वाली बिजली कटौती का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अनियोजित कटौती के कारण आम लोगों, विद्यार्थियों, दुकानदारों और कारोबारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से सुबह और शाम के समय बिजली आपूर्ति बाधित होने से घरेलू कामकाज के साथ-साथ पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित होती है।

उन्होंने कहा कि यदि शटडाउन अथवा मरम्मत कार्य के कारण बिजली आपूर्ति बाधित की जानी है तो उपभोक्ताओं को पहले से SMS के माध्यम से इसकी सूचना दी जानी चाहिए। पीक आवर्स में अनावश्यक कटौती से बचने तथा खराबी की स्थिति में निर्धारित समयसीमा के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल करने की व्यवस्था की जानी चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने गंगा बिहार सोसाइटीज, कैनाल रोड, कौलागढ़ में विद्युत खम्भों की अनुचित स्थिति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि कॉलोनी में करीब 300 आवासीय भवन और कुल 15 लेन हैं। विभिन्न लेनों के निकास मार्ग पर विद्युत खम्भे उचित स्थान पर नहीं होने के कारण स्थानीय निवासियों और वाहनों के आवागमन में परेशानी हो रही है।

उन्होंने बताया कि विशेष रूप से करीब 8 लेनों के निकास द्वार पर विद्युत खम्भे सड़क एवं निकास मार्ग के उचित किनारे पर न होने के कारण चार पहिया वाहनों के आवागमन में बाधा उत्पन्न होती है। इसके अलावा कॉलोनी के निकास द्वार पर स्थित लाइटयुक्त साइनबोर्ड को भी उचित स्थान पर शिफ्ट किए जाने की आवश्यकता है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के कारण स्थानीय निवासियों, विशेषकर चार पहिया वाहन चालकों को प्रतिदिन असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। आपातकालीन स्थिति में भी यह अव्यवस्था आवागमन में बाधा बन सकती है। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों से गंगा बिहार सोसाइटीज के निकास द्वारों का स्थलीय निरीक्षण करवाकर विद्युत खम्भों और लाइटयुक्त साइनबोर्ड को आवश्यकतानुसार उचित स्थान पर शिफ्ट करने की कार्रवाई तत्काल सुनिश्चित करने की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ट्रांसफार्मरों के रखरखाव, अर्थिंग, झूलते और जर्जर तारों, लटकते मीटरों, मीटर रीडिंग, आउटसोर्स कर्मचारियों की सुरक्षा तथा शिकायत निवारण व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

इस अवसर पर पूर्व महामंत्री श्री राजीव पूंज, श्री रमेश कुमार मगू, पार्षद श्री डी.पी. सिंह, श्री विपुल नौटियाल एडवोकेट, श्री अमित रावत, श्री मुकेश चौहान एवं श्री नजीर खान सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता एवं स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कांग्रेस ने यूपीसीएल से बिजली बिलों में लगाए जा रहे सभी शुल्कों एवं अधिभार की पारदर्शी जानकारी, अनियोजित बिजली कटौती पर रोक, पात्र परिवारों को नए बिजली कनेक्शन, जर्जर विद्युत लाइनों एवं खम्भों की मरम्मत, विद्युत अवसंरचना को व्यवस्थित करने तथा प्रभावी और समयबद्ध शिकायत निवारण व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।

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