खेल निदेशालय की कार्यप्रणाली के खिलाफ सीनियर बैडमिंटन खिलाड़ियों का फूटा गुस्सा; परेड ग्राउंड में दिया धरना14 सितंबर को खिलाड़ियों को खेलने से जबरन रोकने और ₹2,500 की वसूली का आरोप; अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एस.के. पटेल सहित कई दिग्गज प्रदर्शन में शामिलदेहरादून, 15 सितंबर 2026 – खेल निदेशालय उत्तराखंड की नाकामी और खिलाड़ियों के प्रति उदासीन रवैये के खिलाफ आज देहरादून के परेड ग्राउंड बैडमिंटन हॉल में सीनियर व राज्य स्तरीय बैडमिंटन खिलाड़ियों ने जबरदस्त धरना प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों का मुख्य आक्रोश इस बात को लेकर था कि बीते दिन, 14 सितंबर को उन्हें हॉल में खेलने से जबरन रोका गया और जबरन ₹2,500 की वसूली की गई।
इस दौरान प्रशासन के अधिकारियों ने वरिष्ठ और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों का भी कोई मान-सम्मान नहीं रखा और उनसे भी तानाशाही रवैये से पूरी रकम वसूली।वरिष्ठ खिलाड़ियों का अपमान और ‘स्पोर्ट्स फॉर ऑल’ के दावे की पोलप्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे खिलाड़ियों ने बताया कि इस बैडमिंटन हॉल में बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त (Retired) वरिष्ठ नागरिक भी अपने स्वास्थ्य के लिए नियमित रूप से आते हैं। प्रशासन द्वारा एकमुश्त फीस को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹2,500 करना और वरिष्ठ खिलाड़ियों के साथ दुर्व्यवहार करना बेहद निंदनीय है।
खिलाड़ियों ने सरकार के ‘स्पोर्ट्स फॉर ऑल’ (सभी के लिए खेल) के नारे पर सवाल उठाते हुए पूछा कि इतनी भारी-भरकम फीस के बीच आम जनता और बुजुर्ग कैसे खेल पाएंगे?खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि महंगाई दर (Inflation) के अनुसार यह बढ़ोतरी अधिकतम 10% होनी चाहिए थी, लेकिन शिक्षा और चिकित्सा (Education and Medical) की तर्ज पर अब खेलों का भी पूरी तरह से व्यावसायिकरण (Commercialization) करने की साजिश रची जा रही है।
प्रदर्शन में मुख्य रूप से डॉ k p joshi, deepak nimraniyaa evam kai वरिष्ठ एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी एस.के. पटेल, एस.एस. पुंडीर, और पुनीता नागिया सहित बड़ी संख्या में राज्य स्तर के सीनियर बैडमिंटन खिलाड़ी और खेल प्रेमी मुख्य रूप से शामिल रहे।मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग व अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनीधरने के माध्यम से खिलाड़ियों ने माननीय मुख्यमंत्री जी से पुरजोर अनुरोध किया है कि खेल और खिलाड़ियों का अपमान करने वाले ऐसे खेल-विरोधी अधिकारियों को तुरंत उनके पदों से हटाया जाए और माननीय प्रधानमंत्री जी के खेल संबंधी निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
खिलाड़ियों ने चेतावनी दी कि आज का यह प्रदर्शन केवल एक सांकेतिक धरना था। यदि इस बेतहाशा फीस बढ़ोतरी और तानाशाही रवैये को तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो इसे एक बड़े अनिश्चितकालीन धरने में बदल दिया जाएगा, जिसमें प्रदेश के अन्य विभागों और खेल संघों को भी शामिल किया जाएगा