मानवता को जीवित रखना हमारा दायित्व है – डॉ. बुटोइया

अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रूपऊ कालसी, देहरादून में छात्र-छात्राओं को मानवता की निस्वार्थ सेवा के लिए जागरुक करते हुए विद्यालय के शिक्षक उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के पूर्व सदस्य एवं रेडक्रॉस के सदस्य डॉ जितेंद्र सिंह बुटोइया ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस वर्ष की थीम “मानवता को जीवित रखना” है। इस पर आज पूरे विश्व भर के सभी देशों में विचार गोष्ठी एवं अन्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहे हैं। रेडक्रॉस के सात सिद्धांत मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, स्वैच्छिक सेवा, एकता एवं सार्वभौमिकता पर चलते हुए ही हम सभ्यता पूर्ण तरीके से आचरण व्यवहार कर मानवता को जीवित रख सकते हैं। विश्व स्तर पर शांति का संदेश देने वाली संस्था रेडक्रॉस को विश्व शांति के लिए चार बार नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

रेडक्रॉस के संस्थापक सर जीन हेनरी डयूनेंट को उनके पुण्य कर्मों के लिए श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। भारत में रेडक्रॉस की स्थापना 1920 में की गई थी। तब से भारत में भी रेडक्रॉस, यूथ रेडक्रॉस, जूनियर रेडक्राॅस कार्य कर रहा है। रेड क्रॉस के माध्यम से जागरूकता अभियान आपदा राहत, रक्तदान, आकस्मिक दुर्घटनाओं व महामारी आदि में निस्वार्थ सेवा की जाती है। छात्र-छात्राओं के द्वारा चार्ट, पोस्टर एवं हेनरी डयूनेट का चित्र भी बनाया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य नंदकिशोर यादव ने रेडक्रॉस के संस्थापक से प्रेरणा लेकर प्राणी जगत के कल्याण हेतु सभी से अपील की व उन्होंने कहा कि “सभी का मंगल हो। सभी का कल्याण हो।” इस उद्देश्य से हमको अपना हर एक दिन व्यतीत करना चाहिए। इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक खुशीराम डोबरियाल, विजय सिंह गुसाईं, मीनाक्षी तिवारी एवं सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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