कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष लालचंद शर्मा और पूर्व विधायक राजकुमार के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर नगर निगम क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शहर में सफाई, स्वास्थ्य, खेल मैदान, सड़क, स्ट्रीट लाइट, वेंडिंग जोन और आवारा पशुओं जैसी समस्याओं से आम जनता परेशान है, लेकिन नगर निगम स्तर पर इनका अपेक्षित समाधान नहीं हो पा रहा है।
प्रदेश उपाध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कहा कि पवेलियन ग्राउंड और रेंजर्स ग्राउंड की बदहाल स्थिति के कारण युवाओं को परेशानी हो रही है। इन मैदानों में बड़ी संख्या में युवा खेल गतिविधियों के साथ सेना, पुलिस और पैरामिलिट्री भर्ती की तैयारी करते हैं। उन्होंने रेंजर्स ग्राउंड को दोबारा खेल गतिविधियों के लिए विकसित करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि बारिश के बाद शहर के कई पार्कों में घास, सीलन और जलभराव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। डेंगू की आशंका को देखते हुए पार्कों में विशेष सफाई, ब्लीचिंग पाउडर और एंटी-लार्वा दवा के छिड़काव के साथ ही घर-घर फॉगिंग अभियान चलाया जाए। साथ ही खुदाई और गड्ढों से खराब हुई गलियों का सर्वे कराकर प्राथमिकता से मरम्मत कराई जाए।
पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि शहर में वेंडिंग जोन पर्याप्त रूप से विकसित नहीं होने के कारण फल-सब्जी और अन्य छोटे व्यापारी सड़क किनारे कारोबार करने को मजबूर हैं। उन्होंने देहरादून को चार जोन में विभाजित कर व्यवस्थित वेंडिंग जोन विकसित करने की मांग की, जिससे छोटे व्यापारियों को सम्मानजनक रोजगार स्थल मिलने के साथ यातायात व्यवस्था भी सुचारु रहे।
उन्होंने कहा कि गांधी पार्क और आउटर वार्डों में सफाई एवं स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को दुरुस्त करने की जरूरत है। नगर निगम में शामिल किए गए कई पूर्व ग्रामीण क्षेत्रों की कॉलोनियों और गलियों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं है। उन्होंने खराब स्ट्रीट लाइटों को तत्काल ठीक कराने और आवश्यकता के अनुसार नई लाइटें लगाने की मांग की।
लालचंद शर्मा ने कहा कि आवारा पशुओं की समस्या भी शहर के लिए गंभीर चुनौती बन गई है। सड़कों और बाजारों में पशुओं के झुंड से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है और यातायात भी प्रभावित होता है। नगर निगम को अभियान चलाकर आवारा पशुओं को सुरक्षित गौशालाओं एवं कांजी हाउस में पहुंचाने के साथ स्थायी पशु प्रबंधन की व्यवस्था करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मोहल्ला स्वच्छता समितियों में कार्यरत पर्यावरण मित्रों को वर्तमान में 15 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। महंगाई को देखते हुए कांग्रेस की मांग है कि नगर निगम बोर्ड में पारित प्रस्ताव के अनुसार पर्यावरण मित्रों का मानदेय बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नगर निगम को ज्ञापन में उठाई गई सभी समस्याओं पर समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए। शहर की बुनियादी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है और जनता से जुड़े इन मुद्दों पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
इस दौरान पार्षद प्रमोद गुप्ता, निखिल कुमार, वीरेंद्र बिष्ट, प्रियांश छाबड़ा, जाहिद अंसारी, दानिश कुरैशी, सोमप्रकाश वाल्मीकि, सुनील कुमार बंगा, नौशाद अहमद, नमन कुमार, पुनीत सिंह, शिवांश बिष्ट, तुषार सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।