संस्कार परिवार देहरादून ने योगाचार्य डा बिपिन जोशी के पावन सानिध्य में कांवड़ यात्रा मार्गों पर चलाया बृहद सेवा अभियान “बोल बम, छोड़ भंग”, “कांवड़ यात्री की क्या पहचान, ना नशा ना गुस्सा ना धूम्रपान ” जैसे जय घोष के साथ योगाचार्य जोशी कांवड़ यात्रियों को समझा रहे हैं जब आज आदमी 500 मीटर भी पैदल चलना भूल गया है आप लोग पवित्र गंगाजल के साथ सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा कर रहे है यह किसी तपस्या से कम नहीं है कुछ कांवड़ यात्री जल्दी उत्तेजित हो जाते हैं और कुछ नशे आदि का सेवन भी करते हैं जिससे सनातन विरोधियों को बोलने का मौका मिल जाता है यदि कांवड़ यात्री पूर्ण शांति और सदभाव के साथ चले तो यात्रा का पुण्य सैकड़ों गुना बढ़ जाता है उन्होंने कांवड़ यात्रियों से पैर गर्म पेट नरम और माथा ठंडा रखने का आह्वान किया किया है कांवड़ यात्रियों को अंग वस्त्र पहनाकर, फल, प्रसाद आदि वितरण कर सम्मानित भी किया गया ।
कांवड़ यात्रा मार्गों पर संस्कार परिवार का सेवा अभियान, योगाचार्य डा. बिपिन जोशी ने दिया ‘बोल बम, छोड़ भंग’ का संदेश

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