क्लेमेंटाउन जंगल एरिया के स्थानीय निवासियों ने श्री अभिषेक परमार के संग विधायक श्री विनोद चमोली जी के संस्तुति पत्र संग आशारोड़ी वन क्षेत्र के फारेस्ट अधिकारी श्री रविन्द्र बेडवाल से खुली सीमा पर कटीले तारों की बाड़ (फेंसिंग) लगाने और जंगल सीमा से सटे मार्ग पर गड्ढों पर पैच वर्क करने के लिए मुलाकात करी। इस संबंध में क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग को एक औपचारिक प्रार्थना पत्र सौंपकर जनहित और पर्यावरण की रक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की है।
श्री अभिषेक परमार ने बताया कि वन क्षेत्र की सीमा पूरी तरह खुली होने के कारण लोगों को वर्तमान में दो बेहद गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है:
1. कूड़ा-कचरा और गंदगी का अंबार: फेंसिंग न होने का फायदा उठाकर कुछ बाहरी और स्थानीय लोग जंगल के किनारे और खाली पड़ी जमीन पर भारी मात्रा में कूड़ा-कचरा फेंक देते हैं। इस वजह से क्षेत्र में भयंकर गंदगी फैल रही है, जिससे संक्रामक बीमारियां पनपने का डर बना हुआ है और स्थानीय पर्यावरण भी दूषित हो रहा है।
2. जंगली जानवरों का खतरा: आशारोड़ी जंगल से हिंसक और आवारा जंगली जानवर आसानी से आबादी वाले रिहायशी इलाकों और खेतों में घुस आते हैं। इससे स्थानीय नागरिकों, विशेषकर बच्चों और पालतू पशुओं की सुरक्षा पर हर समय जानलेवा खतरा मंडराता रहता है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि यदि इस संवेदनशील सीमा पर एक मजबूत कटीले तारों की फेंसिंग (बाड़) करवा दी जाए, तो जंगली जानवरों का आबादी में प्रवेश पूरी तरह रुक जाएगा। साथ ही, सीमा बंद होने से लोग वहां अवैध रूप से कचरा फेकना और अवैध पार्किंग भी बंद होगी..
उन्होंने उम्मीद जताई है कि संबंधित विभाग मामले की गंभीरता को समझते हुए जल्द से जल्द धरातल पर फेंसिंग का कार्य शुरू कराएगा।
इस मौके पर श्री अभिषेक परमार ,जाट सभा अध्यक्ष ओ पी मलिक जी ,श्री विनोद राइ ,श्री चंदन राय,कैप्ट दीपक गुसाईं,श्री राजीव पुनिया आदि लोग उपस्थित रहे …