शिव महापुराण कथा: सच्चे भक्तों को भगवान शिव के दिव्य दर्शन अवश्य होते हैं, आचार्य महामाया प्रसाद का संदेश

सरस्वती विहार विकास समिति के तत्वाधान में शिव शक्ति मंदिर सरस्वती विहार अजबपुर खुर्द में शिव महापुराण कथा के नवम दिवस पर आचार्य महामाया प्रसाद जी ने कहा कि सच्चे भक्तों को भगवान शिव के दिव्य दर्शन अवश्य होते हैं , भगवान शिव के अवतारों की कथा सुनाते हुए आचार्य महामाया प्रसाद जी ने कहा कि 5 वर्ष के अबोध बालक उपमन्यु ने शिव का कठोर तप किया तब भगवान शिव देवराज इंद्र के रूप,माता पार्वती इंद्राणी के रूप,नंदी महाराज ऐरावत हाथी बनकर और भगवान शिव सभी गण देवताओं के रूप प्रकट हो कर भगवान शिव ने बालक उपमन्यु के सामने स्वयं की निंदा की वो सदाशिव श्मशान में रहने वाले उनके स्वयं के पास ना वस्त्र, ना रहने का घर है जिनके पास स्वयं ही नहीं है वो भूत प्रेतों के साथी शिव तुम्हे क्या दे पाएगा ,उनकी तपस्या त्याग कर मुझसे वरदान मांग ले मैं स्वर्ग का राजा हूं तुम जो मांगोगे तुम्हे सब कुछ दूंगा…
भगवान शिव की परीक्षा से उपमन्यु की भक्ति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा, उसने कहा मैने अपने इष्ट शिव की निंदा सुनकर अपराध किया है , मैं तुम्हे भी मार दूंगा और स्वयं भी मर जाऊंगा …भगवान शिव ने जब उपमन्यु का ये अनन्य प्रेम देखा तो दिव्य रूप में प्रकट हो गए.
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष श्री पंचम सिंह बिष्ट वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री बीएस चौहान उपाध्यक्ष श्री कैलाश राम तिवारी सचिव श्री गजेंद्र भंडारी मंदिर संयोजक श्री मूर्ति राम बिज्जलवान, सह संयोजक श्री दिनेश जुयाल, कोषाध्यक्ष श्री विजय सिंह रावत, श्री मंगल सिंह कुट्टी, श्री जयप्रकाश सेमवाल, श्री चिंतामणि पुरोहित, श्री बसंत सिंह दफोनी, श्री बीपी शर्मा, श्री पीएल चमोली, श्री जयपाल सिंह बर्तवाल,श्री आशीष गुसांईं,आचार्य उदय प्रकाश नौटियाल, आचार्य सुशांत जोशी, आचार्य अखिलेश बधानी, श्री कैलाश रमोला, श्री वेद किशोर शर्मा आदि उपस्थित थे.

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *