आंदोलनकारी संयुक्त मंच के तत्वाधान में शहीद स्मारक देहरादून में धरने प्रदर्शन/कर्मिक अनशन के आज 40वें दिन यूकेडी के कार्यकारी अध्यक्ष जय प्रकाश उपाध्याय अपने दल बल के साथ शहीद स्मारक पहुंचे और वहाँ धरने में बैठे आंदोलनकारियों को समर्थन दिया।
उन्होंने कहा कि आज पार्टी का स्थापना दिवस भी है और क्योंकि यूकेडी स्वयं आंदोलन से निकली पार्टी है इसलिए राज्य आन्दोलनकारियों के हितों की रक्षा उनका प्रथम कर्तव्य हो जाता है। आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए आगे उन्होंने कहा कि जब सरकार ने एक्ट बन दिया है और और उसे लागू करवाना उनकी नैतिक जिम्मेदारी बनती है। उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि सरकार 2012 से परीक्षा दिए/पास हुए अभ्यर्थियों को नियुक्ति क्यों नहीं दे रहे। ऐसे ही चिन्हीकरण के मामले को भी लटकाया हुआ है उन्होंने कहा कि इन्होंने बेवजह लटकाया हुआ है।होता है तो करो अन्यथा के नाटक बंद करो।
आज स्थापना दिवस के उपलक्ष में हम यह घोषणा करते हैं कि आने वाले विधानसभा चुनावों में यूकेडी का हाथ मजबूत कीजिए हम आपकी इन सभी मांगो को तत्काल प्रभाव से निस्तारित करवा देंगे।
कर्नल कैलाश देवरानी ने कहा कि 42 शहादतों के बाद ये उत्तराखंड राज्य बना है जिसमें कि यूकेडी का अहम योगदान था, उन्होंने कहा इतनी कुर्बानियों के बाद मिले इस राज्य में आज भी 40 दिन से धरने पे बैठे हैं उन्होंने शासन से मांग की है कि इस मामले का शीघ्र अतिशीघ्र समाधान करें वरना यूकेडी सड़कों पे उतरेगी।
लताफ़त हुसैन और शकुंतला रावत ने भी सभा को संबोधित किया।
आज 40वें दिन क्रमिक अनशन मे देहरादून से मातृ शक्ति पुष्पा बहुगुणा और पौड़ी गढ़वाल से रेखा शर्मा बैठे।
मंच के संयोजक अम्बुज शर्मा ने कहा कि बताया कि आज जिस तरह यूकेडी के कार्यकारी अध्यक्ष ने दलबल के साथ हमे धरने को समर्थन दिया है उससे हमारे आंदोलन को एक नई ऊर्जा मिली है।
आज समर्थन देने वालों में आज राम किशन, पंकज सिंह रावत, शैलेश सेमवाल,अनुराधा मैंदोला,दौलत सिंह बगड़वाल,नवीन नैथानी,भगत सिंह, सुरेन्द्र गुरुंग , रघुवीर सिंह राणा, प्रकाश भट्ट,विजय कुमार,टीकम राठौर, महिपाल सिंह पुंडीर,अशोक कुमार, देवेन्द्र सिंह, कर्नल सुनील चौहान,देवचंद उत्तराखंड,दीपक सिंह,हरि प्रकाश शर्मा,मनोरथ प्रसाद ध्यानी, विनोद असवाल,प्रभात डंडरियाल, सुरेश कुमार डॉक्टर वीरेन्द्र सिंह आर्य,ब्रह्मानंद डालाकोटी, शिवराज बनौला,पीताम्बर मेलगामी, रामप्यारी इस्तवाल आदि पहुंचे।