देहरादून में छात्राओं को POCSO Act 2012 की दी जानकारी, जागरूकता शिविर आयोजित

उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के आदेश अनुसार एवं सचिव महोदय जिला विदिशा प्राधिकरण देहरादून के निर्देशन में प्राविधिक कार्यकर्ता उमेश्वर सिंह रावत द्वारा स्थानीय बी एस नेगी न महिला पॉलिटेक्निक कोलागढ़ रोड में कॉलेज की छात्राओं हेतु पोक्सो अधिनियम 2012 की जानकारी हेतु एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में छात्रों को बताया गया कि यह कानून लड़कों एवं लड़कियों पर समान रूप से लागू होता है यह माना जाता है कि यौन शोषण का शिकार कोई भी बच्चा हो सकता है जिसकी उम्र 18 वर्ष से कम हो इस एक्ट में अपराधी को अलग-अलग श्रेणी में बांटा गया है पहले पैठ योन हमला, दूसरा यौन हमला और यौन उत्पीड़न तथा तीसरा बाल प्रोनोग्राफी जिसमें बच्चों की अश्लील तस्वीरें या वीडियो बनाई जाती है।

छात्राओ को बताया गया कि पोक्सो मामलों की त्वरित सुनवाई हेतु विशेष अदालत बनाई गई है इनका लक्ष्य बच्चों का अदालती कार्रवाई के दौरान कम से कम मानसिक उत्पीड़न हो। इस अपराध में 7 साल से लेकर आजीवन कारावास तथा मृत्युदंड भी हो सकता है। यदि कोई लोक सेवक यह अपराध करता है तो सजा और भी सख्त होती है अगर बच्चे के साथ अपराध होने पर लिखित रिपोर्ट नहीं की जाती तो यह भी एक अपराध की श्रेणी में आता है। इसके अतिरिक्त छात्रों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से मिलने वाली निशुल्क सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। शिविर में कॉलेज की प्रधानाचार्य श्रीमती नमिता मंगाई ने कहा की इस तरह के शिविर कॉलेज में समय-समय पर आयोजित होते रहने चाहिए। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का इस शिविर हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर शिविर में कॉलेज के अध्यापिका इंदरजीत कौर अरोड़ा, श्रीमती पूनम भंडारी के साथ-साथ कॉलेज की 200 छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

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