उत्तराखंड की राजधानी देहरादून आज अपराधियों के हवाले नजर आ रही है। राजपुर थाना क्षेत्र के जोहड़ी गांव में मॉर्निंग वॉक पर निकले एक रिटायर्ड ब्रिगेडियर की सरेआम गोली मारकर हत्या ने साबित कर दिया है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है। ओवरटेक जैसे मामूली विवाद में चली गोली का शिकार एक निर्दोष नागरिक हो जाता है और सरकार मूकदर्शक बनी रहती है—यह अत्यंत शर्मनाक है।
इतना ही नहीं, रायपुर थाना क्षेत्र में PRD जवान की हवालात में मौत और नारी निकेतन में महिला संवासिनी की आत्महत्या ने इस सरकार की संवेदनहीनता और प्रशासनिक विफलता को पूरी तरह उजागर कर दिया है। सवाल यह है कि जब पुलिस की हिरासत में ही लोग सुरक्षित नहीं हैं और सरकारी संरक्षण में चल रहे संस्थानों में महिलाएं अपनी जान देने को मजबूर हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा?
कांग्रेस के पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने इन घटनाओं पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि उत्तराखंड में अब कानून नहीं, बल्कि जंगलराज चल रहा है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि दिनदहाड़े गोलियां चल रही हैं और निर्दोष लोगों की जान जा रही है, जबकि सरकार सिर्फ बयानबाजी में व्यस्त है।
उन्होंने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है और मुख्यमंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। प्रदेश की जनता आज खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है और सरकार की नाकामी का खामियाजा निर्दोष लोगों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है।
लालचंद शर्मा ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही कानून व्यवस्था को पटरी पर नहीं लाया गया और इन सभी मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी और इस निकम्मी सरकार को जवाब देने पर मजबूर करेगी।