प्रदेश कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष एवं सीईसी सदस्य श्री प्रीतम सिंह के नेतृत्व में कांग्रेसजनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुख्य सचिव से मुलाकात कर राज्य में ध्वस्त पडी कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने एवं महानगर में संचालित पब-बार संचालन पर प्रभावी नियंत्रण लगाये जाने के सम्बन्ध में ज्ञापन प्रेषित किया।
मुख्य सचिव को सौंपे ज्ञापन में श्री प्रीतम सिंह ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में हाल के समय में कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं तथा पब-बार संस्कृति को लेकर जनमानस में गहरी चिंता व्याप्त है। देहरादून में दिन दहाडे हो रहे हत्याकांड विशेष रूप से मसूरी डायबर्जन पर हुई गोलीकांड की घटना ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं। यह भी अत्यंत चिंताजनक है कि प्रदेश में अक्सर किसी बड़ी घटना के बाद ही सरकारी मशीनरी सक्रिय होती है, जबकि आवश्यक है कि पूर्व से ही सतर्क और सक्रिय व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
श्री प्रीतम सिंह ने कहा कि वर्तमान में एक विरोधाभासी स्थिति देखने को मिल रही है कि जहां सामान्य दिनों में बार संचालन के समय निर्धारित हैं, वहीं सप्ताहान्त (शनिवार-रविवार) पर बार को देर रात 12 बजे तक खुले रखने की अनुमति दी जा रही है। यह व्यवस्था कानून-व्यवस्था की दृष्टि से गंभीर चिंताओं को जन्म देती है, विशेषकर जब देर रात आपराधिक घटनाओं की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। अतः इस विषय में स्पष्ट, सुसंगत एवं कड़ाई से लागू होने वाली नीति बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होने मुख्य सचिव से मांग करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों एवं जनभावनाओं को दृष्टिगत रखते हुए निम्नलिखित सुझाव शासन स्तर पर लागू किए जाना अत्यंत आवश्यक प्रतीत होता हैः
1. थाना स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तथा प्रत्येक सप्ताह अनिवार्य क्राइम रिव्यू बैठक आयोजित की जाए।
2. शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में, विशेषकर सुनसान एवं बाहरी इलाकों में, पुलिस गश्त ( Patrolling ) को सुदृढ़ किया जाए एवं पीसीआर वैन की संख्या बढ़ाई जाए।
3. अपराध की घटना होने पर संबंधित बीट अधिकारी एवं थाना प्रभारी की स्पष्ट जवाबदेही तय की जाए।
4. राज्यभर में नियमित रूप से सत्यापन अभियान ( Verification Drive ) चलाया जाए, विशेषकर बाहरी व्यक्तियों एवं होमस्टे संचालकों के लिए।
5. महिला सुरक्षा के दृष्टिगत प्रत्येक जनपद में विशेष महिला सुरक्षा टीम का गठन किया जाए।
6. प्रमुख स्थानों पर स्थापित सीसीटीवी कैमरों को आधुनिक तकनीक एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जोड़ा जाए।
7. 112 आपातकालीन सेवा के रिस्पॉन्स टाइम को न्यूनतम किया जाए।
8. साइबर अपराधों की रोकथाम हेतु साइबर क्राइम सेल को और अधिक सशक्त बनाया जाए।
9. पब-बार के लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को सख्त एवं पारदर्शी बनाया जाए।
10. स्कूल, कॉलेज एवं धार्मिक स्थलों के 500 मीटर के दायरे में पब-बार संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
11. रात्रि 11 बजे के बाद पब-बार संचालन पर पूर्ण रोक सुनिश्चित की जाए तथा उल्लंघन की स्थिति में लाइसेंस तत्काल निरस्त किया जाए।
12. शराब दुकानों एवं बार संचालन के समय में एकरूपता लाई जाए ताकि प्रशासनिक भ्रम समाप्त हो और नियंत्रण प्रभावी हो सके।
13. पब-बार के बाहर सीसीटीवी कैमरे एवं सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य की जाए।
14. नाबालिगों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए तथा उल्लंघन करने वालों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई हो।
15. ड्रंक एंड ड्राइव के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जाए तथा नियमित रूप से ब्रीथ एनालाइजर चेकिंग की जाए।
16. पब-बार में तैनात बाउंसर एवं सुरक्षाकर्मियों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य किया जाए।
17. होमस्टे के नाम पर अवैध रूप से संचालित बार/पार्टी हब की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
18. नशा मुक्ति एवं जागरूकता अभियान राज्यभर में चलाए जाएं, विशेषकर युवाओं को लक्ष्य बनाकर।
19. स्थानीय स्तर पर शांति समितियों एवं मोहल्ला मीटिंग के माध्यम से पुलिस-जन संवाद को बढ़ावा दिया जाए।
20. आम नागरिकों के लिए एक हेल्पलाइन/मोबाइल ऐप विकसित किया जाए, जिसके माध्यम से वे गोपनीय रूप से अवैध गतिविधियों की सूचना दे सकें।
21. ग्राम पंचायतों एवं महिला मंगल दलों को निगरानी व्यवस्था में सहभागी बनाया जाए।
काग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान एक शांत, धार्मिक एवं सांस्कृतिक राज्य के रूप में रही है। अतः यह आवश्यक है कि शासन केवल घटनाओं के बाद प्रतिक्रिया देने के बजाय एक सक्रिय, सतर्क एवं जवाबदेह प्रणाली विकसित करे। उन्होंने उपरोक्त सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग करते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हो ताकि ‘देवभूमि’ की गरिमा अक्षुण्ण बनी रहे।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महामंत्री संजय पालीवाल, गोदावरी थापली, विरेन्द्र पोखरियाल, पूर्व विधायक राजकुमार, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, प्रवक्ता दीप बोहरा आदि शामिल थे।