मनमाने मासिक शुल्क के खिलाफ फूटा गुस्सा: देहरादून परिवहन कार्यालय का स्कूल वैन संचालकों ने किया घेराव

उत्तराखंड स्कूल वैन ऐसो • के प्रदेश अध्यक्ष श्री सचिन गुप्ता के नेतृत्व मे भारी संख्या मे स्कूल वैन संचालक परिवहन विभाग देहरादून कार्यालय पर एकत्र होकर परिवहन कार्यालय का घेराव किया व विभाग द्वारा मनमर्जी करते हुए स्कूल वैन के लिए मासिक शुल्क निर्धारित किए जाने का जोरदार विरोध प्रदर्शन किया
प्रदेश अध्यक्ष श्री सचिन गुप्ता ने ज्ञापन लेने पहुंचे ARTO चक्रमनी मिश्रा को कहा की आज उत्तराखंड सरकार द्वारा युवाओं को रोजगार स्थापित करने हेतु विशेष योजनाए चला रही, जिसमे उनको अच्छी खासी सब्सिडी भी दी जाती है वही दूसरी और जो युवा स्कूल वैन चलाकर बैंको आदि से ऋण लेकर अपना स्वम का रोजगार कर रहे व करना चाहते है उन युवाओं का रोजगार परिवहन विभाग की मनमर्जी के चलते बंद होने के कागार पर पहुंच गया है, पहले ही आये दिन विभाग के नए-नए नियमो के कारण वाहन चालक पर आर्थिक बोझ पड़ता रहता है और उसपर विभाग द्वारा मनमर्जी करते हुए स्कूल वैन का मासिक शुल्क बिना किसी अध्यन जारी कर दिया गया,स्कूल वैन मासिक शुल्क निर्धारित करते हुए RTA की बैठक मे स्कूल वैन ऐसो • को भी आमंत्रित नहीं किया गया(जबकि हमारे महत्वपूर्ण विषय पर निर्णय होना था)
जो मासिक शुल्क विभाग द्वारा न्यूनतम तय किया गया उससे तो वाहन चालक अपना परिवार पालना तो मुश्किल, परिवहन विभाग का खर्चा भी नहीं निकाल पायेगा जिस कारण स्कूल वाहन चालकों को अपना ये रोजगार बंद कर अपने मैक्सी कैब के परमिट को सरेंडर करने को बाध्य होना पड़ेगा
श्री सचिन गुप्ता ने मांग की है स्कूल वैन चालकों के हित को देखते हुए लागू शुल्क पर तत्काल रूप से रोक लगायी जाए व नए मासिक शुल्क निर्धारित करते वक्त स्कूल वैन चालकों को भी बैठक मे सम्मलित किया जाए
सचिन गुप्ता ने चेतावनी दी है की यदि परिवहन विभाग द्वारा लागू शुल्क पर तत्काल रोक नहीं नहीं लगायी जाती है तो उत्तराखंड स्कूल वैन एसो• विभाग के खिलाफ सड़को पर उतर कर आंदोलन करने को बाध्य होगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी परिवहन विभाग की होंगी

इस अवसर पर गगन ढींगरा, मुकेश कुमार, पावन पासवान, विपिन जोशी, सुमित कश्यप, पवन पंछी,टीटू, राजू अनूप कुमार, पावन महंदीरता, संजय कुमार, लक्ष्मण प्रजापति, मुन्ना, उमा नरेस्ज, नितीन अरोरा, सुशील, राकेश, अरुण, नितीन ओमकार, पावन बहल, जोगेंद्र आदि उपस्तित रहे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *