प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष लालचंद शर्मा ने भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उनके बयान से भाजपा की राजनीति और दूसरे दलों से आने वाले नेताओं के प्रति उसके रवैये पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा में ऐसी कौन सी सुपर वाशिंग मशीन या पाउडर है जिससे उनकी चमक और अधिक बढ़ जाती है।
शर्मा ने कहा कि भाजपा में शामिल होने से पहले दूसरे दलों के नेताओं की विचारधारा और राजनीतिक निष्ठा पर सवाल उठाए जाते हैं, लेकिन जैसे ही वही नेता भाजपा में शामिल होते हैं, उन्हें स्वीकार कर लिया जाता है। आखिर ऐसा क्या हो जाता है कि पार्टी बदलते ही किसी नेता के विचारों और राजनीतिक छवि का आकलन भी बदल जाता है।
उन्होंने कहा कि भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि उसकी राजनीति विचारधारा और सिद्धांतों पर आधारित है या फिर राजनीतिक सुविधा के अनुसार नेताओं का मूल्यांकन किया जाता है। शर्मा ने कहा है कि यदि किसी नेता के विचार और कार्य पहले गलत थे, तो भाजपा में शामिल होने के बाद वह अचानक सही कैसे हो जाते हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा को अपने बयानों और राजनीतिक व्यवहार में एकरूपता रखनी चाहिए। एक ओर भाजपा दूसरे दलों के नेताओं पर सवाल उठाती है, वहीं दूसरी ओर उन्हीं नेताओं को पार्टी में शामिल कर राजनीतिक स्वीकार्यता देती है। ऐसे में भाजपा की विचारधारा और उसके व्यावहारिक आचरण के बीच के अंतर पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों की पहचान उनके सिद्धांतों, नीतियों और आचरण से होती है। इसलिए भाजपा नेतृत्व को स्पष्ट करना चाहिए कि नेताओं के मूल्यांकन का आधार उनकी विचारधारा और कार्य हैं या केवल उनकी राजनीतिक संबद्धता है और उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस प्रकार के सवालों को लगातार उठाती रहेगी।