ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) एवं उत्तरांचल औषधि व्यवसायी महासंघ के आह्वान पर आगामी 20 मई 2026 (बुधवार) को देशभर के केमिस्ट एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी बंद करेंगे। देहरादून में प्रेस वार्ता के दौरान होलसेल केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव तनेजा, शैलेंद्र सिंह रावत कोषाध्यक्ष, सतीश नंदा जिला अध्यक्ष एवं आकाश प्रभाकर महासचिव दवा व्यापारियों ने केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि यह आंदोलन केवल व्यापार का नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य और मरीजों की सुरक्षा का मुद्दा है। अध्यक्ष संजीव तनेजा ने यह भी बताया कि उन्होंने डॉक्टर के पर्चे के आधार पर Blinkit से ऑनलाइन तीन टैबलेट मंगाई थी, Blinkit ने उनको इसी टैबलेट के तीन पत्ते भेज दिए l
प्रेस वार्ता में पदाधिकारियों ने बताया कि देशभर के करीब 12.40 लाख केमिस्ट इस बंद में शामिल होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि अनियंत्रित ऑनलाइन दवा बिक्री, बड़े कॉर्पोरेट घरानों द्वारा भारी छूट (Deep Discounting) और शिकारी मूल्य निर्धारण (Predatory Pricing) से पारंपरिक दवा व्यवसाय पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उपरोक्त के संबंध में पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी, टिहरी की संसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, ताजबार सिंह जग्गी अपर आयुक्त खाद्य संरक्षण एवं औषधि एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल चिकित्सा स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर इस मुद्दे की जानकारी दी l
दवा व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की बिक्री, प्रिस्क्रिप्शन का दुरुपयोग, एंटीबायोटिक्स एवं आदत बनाने वाली दवाओं की आसान उपलब्धता, नकली दवाओं का खतरा और कमजोर नियामक नियंत्रण जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इससे न केवल छोटे और मध्यम केमिस्ट प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि मरीजों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ रही है।
मुख्य मांगें:
ऑनलाइन दवा बिक्री पर नियंत्रण और GSR 817 (28 अगस्त 2018) की वापसी
GSR 220(E) (26 मार्च 2020) अधिसूचना की वापसी
कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा भारी डिस्काउंट और प्रिडेटरी प्राइसिंग पर रोक l
नकली दवाओं और अनियमित ई-फार्मेसी संचालन पर सख्त कार्रवाई l
व्यापारियों ने कहा कि दवा कोई सामान्य उपभोक्ता वस्तु नहीं, बल्कि सीधे मरीजों के जीवन और स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। यदि समय रहते सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए तो आने वाले समय में देश की दवा वितरण व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
देहरादून के स्थानीय केमिस्ट एसोसिएशन पदाधिकारियों ने जनता से इस बंद को समर्थन देने की अपील करते हुए कहा कि यह कदम मरीजों के सुरक्षित भविष्य और दवा व्यवस्था की पारदर्शिता के लिए उठाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की।