मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर वामपंथी दलों—भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) सीपीएम और सीपीआई (माले)—ने संयुक्त आंदोलन का ऐलान किया है। तथा 30 सितंबर 2026 को पूर्वाह्न 11 बजे देहरादून के गांधी पार्क पर धरना देंगे । इसके बाद जिलाप्रशासन की ओर से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भी भेजा जाएगा।
यह निर्णय सीपीएम राज्य कार्यालय में हुई तीनों दलों की संयुक्त बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के केंद्रीय कमेटी सदस्य कामरेड राजेंद्र नेगी ने की। बैठक में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को प्रमुखता से उठाया गया और आगामी आंदोलन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में सीपीआई राष्ट्रीय परिषद के पूर्व सदस्य कामरेड समर भंडारी, सीपीआई राज्य सचिव कामरेड जगदीश कुलियाल, सीपीआई (माले) के इंदेश मैखुरी, सीपीएम राज्य सचिव राजेंद्र पुरोहित तथा सचिव मंडल के शिवप्रसाद देवली, लेखराज और अनंत आकाश मौजूद रहे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 30 सितंबर को गांधी पार्क में होने वाले धरने में विचारधारा वाली सभी पार्टियों और जनसंगठनों को आमंत्रित किया जाएगा। सीपीएम राज्य सचिव राजेंद्र पुरोहित ने बताया कि यह आंदोलन व्यापक जन-अभियान के रूप में आयोजित किया जाएगा, ताकि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को राज्यव्यापी समर्थन मिल सके,इसी दिन राज्य के विभिन्न हिस्सों में भी धरने और प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए केंद्र सरकार और संबंधित संस्थाओं का ध्यान मुद्दे की ओर आकर्षित किया जाएगा। राष्ट्रपति को भेजे जाने वाले ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग प्रमुखता से दर्ज की जाएगी।
पार्टी ने सभी प्रगतिशील विचारधारा वाले संगठनों, लोकतांत्रिक संस्थाओं, नागरिक संगठनों और आम जनता से अपील की है कि वे 30 सितंबर को गांधी पार्क में आयोजित धरने में शामिल होकर आंदोलन को मजबूत बनाएं।