सीपीएम ने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की निंदा की, तत्काल वापसी की मांग की

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने हाल ही में एलपीजी सिलेंडर, विशेष रूप से कमर्शियल सिलेंडर और 5 किलो वाले घरेलू सिलेंडर के दामों में की गई “भारी और अभूतपूर्व” वृद्धि की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने इसे सरकार की “गरीब-विरोधी सोच” का करार देते हुए बढ़ोतरी को तत्काल वापस लेने की मांग की है।

सीपीएम ने एक बयान में कहा कि कमर्शियल सिलेंडर के रेट में लगभग एक हज़ार रुपये की वृद्धि की गई है, जो अपने आप में अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा, क्योंकि कमर्शियल कंपनियाँ यह अतिरिक्त बोझ ग्राहकों पर डाल देंगी। इससे न सिर्फ महंगाई और बढ़ेगी बल्कि कई छोटे व्यवसायों के बंद होने से ले-ऑफ (नौकरी पर छंटनी) की स्थिति और गंभीर हो जाएगी।

हालाँकि 14 किलो के सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडर को इस बार बढ़ोतरी से बाहर रखा गया है, लेकिन पार्टी ने 5 किलो वाले बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर पर 10 रुपये की बढ़ोतरी को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। अनन्त आकाश ने कहा, “5 किलो वाले सिलेंडर की कीमतों में यह बढ़ोतरी सबसे ज़्यादा छोटे घरों और बाहर से आए प्रवासी मज़दूरों को प्रभावित करेगी, जो 14 किलो का महंगा सिलेंडर खरीदने में असमर्थ होते हैं।”

सीपीएम ने कहा कि यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब आम ज़रूरत की चीज़ों के दाम पहले से ही आसमान पर हैं। पहले ही गैस सिलेंडर की कमी और ऊंची कीमतों के चलते हज़ारों प्रवासी मज़दूर शहरों को छोड़कर गाँव लौट चुके हैं। अब इस नई बढ़ोतरी से और भी अधिक लोगों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

गौरतलब है कि पिछले दो महीनों में यह कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। सीपीएम ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार सिलेंडर पर टैक्स से होने वाले राजस्व को छोड़ने को तैयार नहीं है, जिससे आम आदमी को थोड़ी राहत मिल सकती थी। पार्टी ने सरकार से इस ऐंठन को छोड़ने की अपील की है।

सीपीएम ने चेतावनी दी है कि इस मुद्दे को लेकर वह विरोध प्रदर्शन कार्यवाही करेगी और एलपीजी सिलेंडर की बढ़ी हुई कीमतों को तुरंत वापस लिए जाने की मांग को लेकर जन-जागरूकता अभियान चलाएगी।

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