लोकतंत्र के सर्वोच्च संविधान सभागार (संसद भवन) लोकसभा में आज नारी शक्ति वंदन अधिनियम की परिचर्चा में भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ।
यह बिल नहीं सीधे सीधे सरकार के द्वारा देश के लोकतांत्रिक सरंचना पर प्रहार है। यह महिलाओं के इतने पक्ष में होते तो हाथरस, उन्नाव, मणिपुर जैसे केस में आगे आकर कुछ करते। यह महिलाओं को मजबूत बनाने की सोचते तो संसद और विधानसभाओं में इनके नेताओं पर महिला अपराध के केस नहीं होते। 2023 का महिला बिल सरकार लेकर आए पूरा विपक्ष उनके साथ है। जिसमें हर समाज की महिलाओं को देश में बराबरी की हिस्सेदारी मिले जैसा की राजीव गांधी जी की दूरदर्शी सोच ने पंचायत चुनावों में किया।