महायज्ञ, भंडारे और श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने रचा भक्ति का अनुपम वातावरण, अगले वर्ष देवी भागवत आयोजन का संकल्प
देहरादून।
श्रीमद् भागवत सेवा जन कल्याण समिति के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आज अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ भव्य समापन हो गया। अंतिम दिवस पर सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष और कथा विश्राम के पावन प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, ज्ञान और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना का संचार किया।
व्यासपीठ से आचार्य पवनंदन जी महाराज ने सुदामा और भगवान श्रीकृष्ण की पवित्र मित्रता का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सुदामा की निस्वार्थ भक्ति, सादगी और समर्पण ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी थी। द्वारका पहुंचकर सुदामा द्वारा अर्पित चावल के छोटे-से उपहार को भगवान श्रीकृष्ण ने प्रेमपूर्वक स्वीकार कर उन्हें अपार वैभव प्रदान किया। इस प्रसंग के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सच्चे प्रेम और निष्काम भक्ति के आगे भौतिक साधनों का कोई महत्व नहीं होता। कथा स्थल पर “राधे-राधे” और “जय श्रीकृष्ण” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
इसके उपरांत कथा के समापन चरण में राजा परीक्षित और सुखदेव जी महाराज का प्रसंग सुनाया गया। बताया गया कि मृत्यु के निकट पहुंचे राजा परीक्षित ने सात दिनों तक श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर आत्मज्ञान प्राप्त किया और मोक्ष को प्राप्त हुए। इस प्रसंग के माध्यम से श्रद्धालुओं को जीवन की सार्थकता और भक्ति के महत्व का संदेश मिला।
सात दिवसीय ज्ञान यज्ञ का विधिवत समापन कथा विश्राम के साथ हुआ। इसके पश्चात भव्य महायज्ञ (हवन) आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने वेद मंत्रों के उच्चारण के बीच आहुति अर्पित की। यज्ञ के दौरान पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा।
महायज्ञ के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन में अनुशासन, सेवा और समर्पण की भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली। समिति के स्वयंसेवकों ने व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना की।
समिति की ओर से घोषणा की गई कि यदि सभी का सहयोग इसी प्रकार बना रहा, तो आगामी वर्ष देवी भागवत कथा का आयोजन और अधिक भव्य एवं दिव्य स्वरूप में किया जाएगा।
इस अवसर पर संरक्षक विनोद राई, पूर्व जिला पंचायत सदस्य राजेश परमार ,अध्यक्ष प्रेम सिंह भंडारी, उपाध्यक्ष अभिषेक परमार, महासचिव नवीन जोशी, कोषाध्यक्ष के.एन. लोहनी, बृज किशोर यादव, मीडिया प्रभारी गणेश सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
साथ ही मालती राई, कादंबरी शर्मा, तारा राई, ममता राई, रेखा यादव, दीपक गोसाईं एवं प्रदीप राई सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों और सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।