परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही धांधली और पेपर लीक की घटनाओं से आहत युवाओं का आक्रोश अब सड़कों पर दिखाई दे रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपने अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज किए जाने की घटना की कड़ी निंदा करते हुए कांग्रेस के पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने केंद्र सरकार और प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा।
लालचंद शर्मा ने कहा कि देश का युवा मेहनत और ईमानदारी से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता है, लेकिन बार-बार पेपर लीक और परीक्षा में धांधली के कारण उसका भविष्य बर्बाद हो रहा है। जब युवा अपनी आवाज उठाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करते हैं, तो सरकार उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन पर लाठियां बरसाती है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं पर किया गया लाठीचार्ज भाजपा सरकार की असंवेदनशीलता और तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है। केंद्र सरकार को युवाओं की आवाज दबाने के बजाय परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
पूर्व महानगर अध्यक्ष ने कहा कि परीक्षाओं में धांधली की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में भी युवा लगातार भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक से परेशान रहे हैं। प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार देने और भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है।
लालचंद शर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना बंद करे। उन्होंने मांग की कि सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, दोषियों को कड़ी सजा दी जाए और प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि युवाओं के अधिकारों और उनके भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी।