कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष लालचंद शर्मा ने देहरादून शहर की बदहाल सड़कों को लेकर प्रदेश सरकार और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा निर्देश दिए जाने के बावजूद यदि अधिकारी उनका पालन नहीं कर रहे हैं, तो यह सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था और अधिकारियों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
श्री लालचंद शर्मा ने कहा कि राजधानी देहरादून के गांधीग्राम, गोविंदगढ़, आर्यनगर और प्रेमनगर से जुड़े क्षेत्रों में सड़कें लंबे समय से बदहाल स्थिति में हैं। शहर के कई प्रमुख मार्ग भी जर्जर हालत में हैं, जिससे आम जनता को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद सड़कों की मरम्मत और सुधार के लिए प्रभावी कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही है।
उन्होंने कहा कि राजधानी की सड़कों की यह स्थिति तब है, जब प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वयं अधिकारियों को निर्देश देते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब मुख्यमंत्री के आदेशों का ही प्रभावी अनुपालन नहीं हो रहा है, तो आम जनता की समस्याओं का समाधान कैसे होगा? क्या संबंधित विभागों के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी या जनता इसी तरह परेशान होती रहेगी?
कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि सड़कें किसी भी शहर की बुनियादी सुविधाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। राजधानी में ही सड़कों की ऐसी स्थिति सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर को उजागर करती है। टूटी सड़कों के कारण स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और प्रतिदिन आवागमन करने वाले लोगों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
श्री लालचंद शर्मा ने प्रदेश सरकार से मांग की कि देहरादून की बदहाल सड़कों की तत्काल समीक्षा कराई जाए, गांधीग्राम, गोविंदगढ़, आर्यनगर, प्रेमनगर और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में मरम्मत कार्य शीघ्र शुरू कराया जाए तथा मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन नहीं करने वाले संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
उन्होंने कहा कि राजधानी की जनता को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि बेहतर सड़कें और बुनियादी सुविधाएं चाहिए। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा आम नागरिकों को न भुगतना पड़े।