उत्तराखंड की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रेखा आर्य द्वारा कल 15 अक्टूबर को अपने ही पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ देहरादून कैंट थाने में हत्या की साजिश, धोखाधड़ी, मारपीट और उत्पीड़न की FIR दर्ज कर रो-रो कर अपनी जान और अपने नाबालिग बच्चों की सुरक्षा की गुहार लगाना, भाजपा के सुशासन और महिला सुरक्षा के सारे दावों को बेनकाब करता है।
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस मंत्री के कंधों पर प्रदेश की महिलाओं को सशक्त और सुरक्षित बनाने की जिम्मेदारी है, वही आज खुद पीड़ित बनकर थाने के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
इस पूरे प्रकरण में एक और गंभीर तथ्य सामने आ रहा है कि मंत्री जी के पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी पर पहले से ही कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। समय-समय पर विभिन्न सामाजिक संगठनों और लोगों द्वारा उनके खिलाफ दर्ज संगीन मुकदमों पर कार्रवाई की मांग की जाती रही है, किंतु भाजपा सरकार की शह और पत्नी के मंत्री पद के रसूख के कारण पुलिस-प्रशासन उनके कृत्यों पर लगातार पर्दा डालता रहा है।
आज जब मामला मंत्री जी की जान पर बन आया, तब जाकर FIR दर्ज हो पाई। यह दर्शाता है कि भाजपा राज में कानून का राज नहीं, बल्कि रसूख का राज चल रहा है।
आम आदमी पार्टी की मांग है:
1. मंत्री रेखा आर्य और उनके बच्चों को तत्काल उच्च स्तरीय सुरक्षा प्रदान की जाए। 2. गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ पहले से दर्ज सभी आपराधिक मुकदमों की सूची सार्वजनिक कर उनकी निष्पक्ष जांच की जाए और कल दर्ज हुई FIR में भी बिना किसी राजनीतिक दबाव के सख्त कार्रवाई हो। 3. मुख्यमंत्री धामी सरकार बताए कि एक अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्ति को इतने समय तक सत्ता का संरक्षण क्यों दिया जाता रहा?
आम आदमी पार्टी प्रदेश की हर पीड़ित महिला के साथ खड़ी है।