# देहरादून की यातायात समस्याओं को लेकर परिवहन मंत्री से मिले कांग्रेसजन, समाधान की मांग

प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष लालचन्द शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेसजनों के प्रतिनिधिमंडल ने परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन प्रेषित करते हुए महानगर की परिवहन सम्बन्धी समस्याओं की ओर उनका ध्यान आकर्षित कराते हुए उनके समाधान की मांग की है।
परिवहन मंत्री को सौंपे ज्ञापन में कंाग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि देहरादून में बढ़ते यातायात दबाव, तेज गति से वाहन चलाने, यातायात नियमों की अनदेखी, नशे में वाहन चलाने, अवैध पार्किंग, सड़कों एवं चौराहों की अपर्याप्त व्यवस्था तथा कई स्थानों पर यातायात संकेतकों तथा सीसी टीवी कैमरों की कमी के कारण दुर्घटनाओं की स्थिति गंभीर होती जा रही है।
उक्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण एवं आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित किया जाना जनहित में अत्यंत आवश्यक है। साथ ही देहरादून महानगर में प्रवेश करने वाले बाहरी वाहनों के लिए सड़क सुरक्षा एवं परिवहन विभाग की व्यवस्थाओं में सुधार हेतु सुझाव।

1. प्रदेश की सीमा में बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की निगरानी के लिए लगाये गये कैमरों की स्थिति सुधारते हुए सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सरकार ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए। वाहनों की चेकिंग के दौरान केवल छोटे वाहनों पर कार्रवाई होती है, जबकि बड़े वाहनों की पर्याप्त जांच नहीं होती जिसका जीता-जागता उदाहरण ओएनजीसी चौक सहित कई प्रमुख स्थानों पर हुए भीषण हादसे हैं।
2. वाहन फिटनेस का कार्य एक ही बाहरी एजेंसी/पार्टी को दिए जाने के बजाय पारदर्शी व्यवस्था के तहत संचालित किया जाए। वर्तमान फिटनेस सेंटरों से अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है, बल्कि अव्यवस्था बढ़ी है।
3. ड्राइविंग लाइसेंस हेतु ऑनलाइन व्यवस्था का वास्तविक लाभ आम नागरिकों तक नहीं पहुंच रहा है। पूरे प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस हेतु टेस्ट की प्रक्रिया एक समान एवं पारदर्शी हो।
4. देहरादून के दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर वहां तत्काल आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही की जाए तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, चेतावनी संकेतक एवं रिफ्लेक्टर लगाए जाएं। ओवरस्पीडिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रमुख मार्गों पर स्पीड कैमरे एवं अन्य आधुनिक निगरानी व्यवस्था स्थापित की जाए तथा निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
5. प्रमुख मार्गों, चौराहों एवं बाजार क्षेत्रों में अवैध पार्किंग एवं अतिक्रमण के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि यातायात सुचारू रहे और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में स्पीड ब्रेकर, जेब्रा क्रॉसिंग, ट्रैफिक सिग्नल, रोड मार्किंग एवं पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
6. अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन होने के बावजूद यूजर चार्ज वसूले जा रहे हैं। एक ही रसीद पर कई बार ₹50 या उससे अधिक यूजर चार्ज लिया जाना बंद किया जाए। वाहन डीलर द्वारा रजिस्ट्रेशन कराने के बावजूद अलग से यूजर चार्ज लेना बंद किया जाए और इसकी जांच कराई जाए।
7. प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण हेतु सार्वजनिक परिवहन एवं व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस की नियमित जांच कराई जाए। खराब अथवा निर्धारित मानकों को पूरा न करने वाले वाहनों के संचालन पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा ओवरलोडिंग, क्षमता से अधिक सवारी तथा मालवाहक वाहनों में अनियमित परिवहन के विरुद्ध नियमित अभियान चलाया जाए।
8. सिटी बस एवं मैजिक वाहनों को टैक्स में दी गई छूट के बावजूद मनमाना किराया वसूजा जा रहा है तथा टैक्स में छूट का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच रहा है अतः छूट का लाभ जनता तक पहुंचे इसकी व्यवस्था सुनिश्चित की जाय। साथ ही ई-रिक्शा, ऑटो, टैक्सी और विक्रम वाहनों को भी उचित टैक्स राहत प्रदान की जाए।
9. महानगर क्षेत्र में चल रहे डग्गामार बसों एवं अन्य वाहनों पर तत्काल रोक लगाई जाय।
10. सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत निर्धारित समय-सीमा के अनुसार सेवाएं वास्तव में जनता को मिल रही हैं या नहीं, इसकी स्वतंत्र जांच कराई जाए।
11. परिवहन विभाग में ट्रांसफर नीति का पालन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए तथा मनमाने स्थानांतरण पर रोक लगाई जाए तथा विभागाध्यक्षों के पदों का दायित्व एक ही व्यक्ति के पास केंद्रित न होकर नियमानुसार अलग-अलग अधिकारियों को सौंपा जाए।
12. रात्रि के समय ओवरलोड डंपर एवं बड़े ट्रकों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु विशेष सचल/मोबाइल प्रवर्तन दल गठित किए जाएं।
13. कमर्शियल वाहनों का गलत या फर्जी “केयर ऑफ” पते पर रजिस्ट्रेशन कराने की शिकायतों की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए तथा वाहनों पर अवैध रूप से लगी हाई-बीम, रंगीन एवं मॉडिफाइड लाइटों पर सख्त कार्रवाई की जाए, क्योंकि ये सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बन रही हैं।
प्रतिनिधिमण्डल मे प्रदेश उपाध्यक्ष राजकुमार, लालचंद शर्मा, प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र पोखरियाल, पूर्व महामंत्री हरिकिशन भट्ट, पूर्व प्रदेश सचिव सीताराम नौटियाल, डॉ दिनेश पुंडीर शामिल थे।

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