राजकीय विद्यालय को अतिक्रमण घोषित करने पर रोक की मांग, पूर्व विधायक राजकुमार ने मुख्य सचिव को सौंपा ज्ञापन

राजपुर विधानसभा क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व विधायक राजकुमार के नेतृत्व में मुख्य सचिव से मुलाकात कर राजकीय प्राथमिक विद्यालय को अवैध अतिक्रमण घोषित कर ध्वस्तीकरण की संभावित कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि एनजीटी के आदेशों की आड़ में बिना तथ्यात्मक जांच के विद्यालय को अतिक्रमण मानना उचित नहीं है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर विद्यालय और आसपास की सार्वजनिक सुविधाओं को सुरक्षित रखने की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय वर्ष 1988 से तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय वर्ष 2005 से संचालित हो रहा है। उनका कहना है कि स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) की किसी भी बैठक में इस भूमि को अतिक्रमण नहीं माना गया और शिक्षा विभाग वर्षों से यहां विद्यालय का संचालन कर रहा है। यदि विद्यालय हटाया जाता है तो 300 से अधिक बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी। प्रतिनिधिमंडल ने राजस्व, शिक्षा और संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त स्थलीय निरीक्षण एवं रिपोर्ट के आधार पर ही निर्णय लेने की मांग की।

पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि वर्षों से संचालित विद्यालय को बिना समुचित जांच के अतिक्रमण बताकर ध्वस्त करने का प्रयास अनुचित है। उनके अनुसार शिक्षा प्रत्येक बच्चे का संवैधानिक अधिकार है और सरकार की जिम्मेदारी विद्यालयों को सुरक्षित रखना है। उन्होंने मुख्य सचिव से निष्पक्ष जांच पूरी होने तक किसी भी कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।

एवं कहा कि यदि विद्यालय को तोड़ने की कार्रवाई की गई तो स्थानीय जनता इसके विरोध में धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कहा कि यह केवल एक विद्यालय का नहीं, बल्कि सैकड़ों बच्चों के भविष्य और स्थानीय लोगों की भावनाओं का विषय है। उन्होंने कहा कि विद्यालय के साथ सार्वजनिक उपयोग के अन्य निर्माणों को भी बिना जांच अतिक्रमण की श्रेणी में रखना उचित नहीं है। सरकार को जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्थानीय लोगों, अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन समिति का पक्ष सुनने के बाद ही कोई निर्णय लेना चाहिए।

इस दौरान पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, देवेंद्र कौर, दीपा चौहान, मनोज सैनी, पंकज, नमन कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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