दून पुस्तकालय में युवा कवि आभास मालगुड़ी के प्रथम काव्य संग्रह ‘हमें आगे बढ़ना’ का लोकार्पण

दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र की ओर से आयोजित साहित्यिक कार्यक्रम के अन्तर्गत नवोदित कवि आभास मालगुड़ी की प्रथम काव्य/कविता संग्रह ‘ हमें आगे बढ़ना’ का लोकार्पण किया गया।
यह काव्य संग्रह जीवन के अनुभवों से उपजी सवेदन शील संकलन है। इन कविताओं में सुखद स्मृतियां, मन पर बोझ बनी यादें, युवा मन की आकांक्षों संघर्षों और भविष्य की आशाओं का गहन चित्रण हैं। इस संग्रह में कुल 43 रचनायें है। जिनमें प्रमुख नारी अधिकार, ग्रहणी, भारत माॅ के उठे सपूतों, शिक्षक की महिमा, जीत, पर्दा, बाल गंगा धर तिलक, पतझड़ की पीड़ा, क्या यह आखरी पीड़ी होगी और हम सब यहाॅ जमा हुऐ है। युवा कवि आभास मलगुड़ी मूल रूप से वैज्ञानिक सोच के व्यक्ति है और गणित विषय में स्नाकत्तोतर शिक्षा जोधपुर से प्राप्त कर चुके है। आभास की रचनाऐं गढ़नंदनीय और आई.आई.टी जोधपुर की वार्षिक पत्रिका खम्मा घणी में प्रकाशित हो चुकी है। इसके साथ ही आभास को भारतीय ज्ञान परंपरा केन्द्र दिल्ली द्वारा जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में वैदिक गणित पर शोध पत्र प्रकाशित करने के लिए भी सम्मानित किया जा चुका है।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता डाॅ. नंद किशोर हटवाल कहा कि शोशल मीडिया एआई के दौर में मौलिकता और पहचान खो रहा है तब आभास की रचनाऐं साहित्यक को एक नई दिशा देती हुई प्रतीत होती है। इसकी रचना में मानवीय संवेदनायें और भविष्य की आशाओं से एक नया जीवन दर्शन दिखाई देता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व निदेशक राज्य अभिलेखागार डाॅ. लालता प्रसाद ने किया और इस कार्यक्रम का संचालन एवं परिचर्चा डाॅ. योगेश धस्माना ने की आज के इस कार्यक्रम में लक्ष्मी प्रसाद मालगुड़ी, कवि ओम प्रकाश सेमवाल, शौर्य खडूड़ी, सुन्दर सिंह बिष्ट, डॉ लालता प्रसाद, सुमन लता, अनिल नोरिया, डॉ सुनील भट्ट, जगदम्बा प्रसाद, सुनील दत्त सिलोड़ी, जगदम्बा चमोली, बी एस रावत, नवीन रतूड़ी,मुनेंद्र खण्डूड़ी , बीना बेंजवाल, व अन्य प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे।

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