आज श्री गुरु राम राय दरबार साहिब में दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जहां महंत श्री देवेंद्र दास जी से शिष्टाचार भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया।
इस दौरान विभिन्न जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। महंत श्री देवेंद्र दास जी ने एक अत्यंत गंभीर विषय साझा करते हुए बताया कि एक व्यक्ति उनके पास सहायता के लिए आया था, जो एक निजी कार्यालय में कार्यरत है, लेकिन उसे न तो भविष्य निधि (PF) की सुविधा मिल रही है और न ही कोई चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। यह स्थिति न केवल चिंताजनक है, बल्कि श्रमिकों के मूल अधिकारों का भी हनन है।
इस पर उन्होंने ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह विषय बेहद गंभीर है और इसे किसी भी स्तर पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि निजी संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को सरकार द्वारा निर्धारित सभी सुविधाएं—जैसे PF, चिकित्सा सुविधा, बीमा तथा अन्य श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले अधिकार—निश्चित रूप से प्रदान किए जाने चाहिए।
संजय कुमार ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति या संस्था किसी कर्मचारी को कार्य पर रखती है, तो उसे कानून के अनुसार सभी अनिवार्य सुविधाएं देना उसकी जिम्मेदारी है। जो संस्थाएं इन नियमों का पालन नहीं करती हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी श्रमिक के साथ अन्याय न हो।
उन्होंने आगे कहा कि श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए वे पहले भी आवाज उठाते रहे हैं और आगे भी मजबूती के साथ इस मुद्दे को उठाते रहेंगे। यदि आवश्यकता पड़ी, तो इस विषय को लेकर व्यापक स्तर पर जन आंदोलन भी किया जाएगा, ताकि प्रत्येक श्रमिक को उसका हक मिल सके और व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।
इस अवसर पर अन्य सामाजिक एवं जनसरोकार से जुड़े विषयों पर भी सकारात्मक एवं सार्थक चर्चा हुई। महंत श्री देवेंद्र दास जी ने संजय कुमार को आशीर्वाद देते हुए कहा कि वे इसी प्रकार जनता की आवाज बुलंद करते रहें और समाज के कमजोर वर्गों के हितों के लिए निरंतर कार्य करते रहें। साथ ही उन्होंने हर संभव सहयोग एवं मार्गदर्शन का आश्वासन भी प्रदान किया।
इस अवसर पर के साथ प्रदेश प्रवक्ता मोहन कुमार काला, महाकाल सेवा समिति के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार रोशन राणा, आईटी सेल के प्रबंधक दिनेश रावत, युवा नेता राजीव प्रजापति, केतन चंचल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने भी इस विषय पर अपने विचार व्यक्त किए और श्रमिकों के अधिकारों के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।