हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी की सभा के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ किए जाने के मामले में पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किया जाना कांग्रेस की लगातार उठाई जा रही आवाज की जीत है। पुलिस ने बीएनएस की धारा 196 और 299 तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1)(r) के तहत मामला दर्ज किया है।
कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कहा कि सरकार ने इस पूरे मामले को दबाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन कांग्रेस के लगातार विरोध और दबाव के बाद आखिरकार पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। अब सवाल यह है कि जब धाराएं इतनी गंभीर हैं तो दोषियों की गिरफ्तारी कब होगी?
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर किसके दबाव में इतने दिनों तक कार्रवाई नहीं हुई। सरकार केवल एफआईआर दर्ज कर अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। मामले में शामिल लोगों की पहचान कर तत्काल गिरफ्तारी हो और जांच को किसी भी राजनीतिक दबाव से मुक्त रखा जाए।
लालचंद शर्मा ने कहा कि यह मामला किसी एक व्यक्ति या राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि सामाजिक सम्मान और संवैधानिक मूल्यों से जुड़ा विषय है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे जी के कार्यक्रम के बाद जिस तरह का कृत्य सामने आया, उसने भाजपा सरकार की सामाजिक समरसता की सोच पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेता सदन के भीतर बयान देकर मामले से पल्ला झाड़ने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन जनता अब बयान नहीं, कार्रवाई चाहती है। यदि सरकार वास्तव में इस घटना के खिलाफ है तो उसे बिना किसी दबाव के दोषियों पर कठोर कार्रवाई करके दिखाना चाहिए।
कांग्रेस की मांग स्पष्ट है—एफआईआर के बाद अब गिरफ्तारी हो, जांच निष्पक्ष हो और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जाए। सरकार को जवाब देना होगा कि कार्रवाई में देरी क्यों हुई और दोषियों को अब तक संरक्षण किसका मिला।