पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा ने रोज-रोज बढ रहे कमर्शियल गैस, पेट्रोलियम पदार्थों मे दामों पर बयान जारी करते हुए कहा कि आज महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत सबसे निम्न स्तर पर थी तब भाजपा सरकार ने उसकी राहत सस्ता पेट्रोल-डीजल करके जनता को क्यों नहीं दी?
पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा ने कहा कि जब समूचा विपक्ष संसद के दोनों सदनों में पश्चिम एशिया की स्थिति और उसके भारत पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की मांग कर रहा था, तब भी मोदी सरकार ऐसी बहस की अनुमति देने से हठपूर्वक इनकार करती रही। प्रधानमंत्री मोदी के विगत दिनों आये वक्तव्य से साफ जाहिर हो गया था कि भाजपा सरकार साफ तौर पर भयभीत दिख रही है। उसकी विदेश नीति पहले ही बुरी तरह से एक्सपोज हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका के प्रतिनिधि ये कह रहे है कि भारत को 30 दिन की अनुमति है रूस से तेल खरीदने की तो हमारे प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने सामने आकर इस बात का खंडन क्यों नहीं किया कि हमे किसी देश से अनुमति की जरूरत नहीं है। इसका खंडन ना करके भाजपा सरकार ने ये बता दिया कि वो ट्रम्प के अनुसार चल रहे हैं, उन्हें देश की 140 करोड़ जनता से कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि आज जब देश में कमर्शियल गैस सिलिंडर को लेकर हाहाकार मचा है, तब सरकार मैं बैठे लोग अलग-अलग तरह की बयानबाजी कर रहे हैं, प्रधानमंत्री जिन्हें बोलने का बहुत शौक है वो सामने आकर क्यों नहीं देश की जनता से संवाद कर रहे हैं? प्रधानमंत्री का सामने आकर संवाद ना करना स्पष्ट बता रहा है कि समस्या बहुत गंभीर है। इस गम्भीर संकट में भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोरी प्रचार मंत्री बनकर केरल और तमिलनाडु में चुनाव प्रचार में व्यस्त रहे हैं। देश में लगातार बढ़ती महंगाई पेट्रोलिय पदार्थ और रसोई गैस के दामों में हो रही भारी बढ़ोतरी ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। केंद्र की मोदी सरकार की गलत आर्थिक नीतियों का सीधा असर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर पड़ रहा है। पिछले 12 सालों से कमर्शियल गैस जैसी आवश्यक वस्तु के दाम लगातार बढ़ने से गृहिणियों का घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।
पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा ने कहा कि गौतम अडानी और उनके सहयोगियों पर अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा लगाये गये आरोपों ने भ्रष्टाचार, धोखाधडी और छल की कथित जालसाजी का पर्दाफाश किया और उन्हें बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की जनता के हितों को भी ताक पर रख दिया है। गौतम अडानी पर लगे भ्रष्टाचार के मामले को संसद में उठाने पर केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा संसदीय चर्चा को जानबूझकर रोकना और इस मुद्दे पर मौन रहना अपनी जिम्मेदारी और जवाबदेही से बचने का संकेत है। उन्होंने कहा कि एक ओर देश की जनता विगत कई वर्षों से लगातार महंगाई की मार झेल रही है, अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों मंे भारी गिरावट होने के बावजूद केन्द्र की मोदी सरकार ने अपने 12 वर्ष के कार्यकाल में कमर्शियल गैस के सिलेण्डर की कीमत 450 रू0 से बढ़ाकर 1100 रू0 करके गरीब और अल्प आय वर्ग के परिवारों के बच्चों के पेट पर चोट करने का काम किया है।
आश्चर्यजनक बात तो यह है कि कमर्शियल गैस, पेट्रोल, डीजल एवं आम जरूरत के सामानों के दामों में विगत वर्षों में केन्द्र सरकार द्वारा दोगुने से अधिक की वृद्धि करने पर लोग मौन हैं। मोदी सरकार द्वारा अपने मित्र औद्योगिक घरानों को निजी लाभ पहुंचाने के लिए विगत 12 वर्षों में कमर्शियल के सिलेण्डर की कीमत में लगभग 700 रू0 से अधिक की भारी वृद्धि की है जिससे कुछ निजी औद्योगिक घरानों को होने वाले लाभांश का फायदा करोड़ों नहीं बल्कि अरबों रूपये प्रतिमाह मे हो रहा है तथा देश का आम आदमी महंगाई की मार झेलने का मजबूर है।